Friday, December 20, 2013

Jagdish Ki Report :: Terminology of Bollywood.

Friday Housefull

Saturday Jubilee

Sunday Retro

Blockbuster Monday

                                  Bioscope  Tuesday & Wednesday



Wednesday, November 27, 2013

Jagdish Ki Report :: Generation Change.



Generation Change

First came : Hit.
 
Then Came : Super Hit.

After That it was : Super Duper Hit

And Now 

Introducing


Sooper Se Ooper.

Sunday, September 15, 2013

समाचार पत्र का स्वरुप – 15



सम्पादकीय विभाग – 02
 
चीफ ऑफ़ न्यूज़ ब्यूरो :: से अभिप्राय उस व्यक्ति से है जो न्यूज़ ब्यूरो के कार्य का निरिक्षण करता है तथा  ब्यूरो सदस्यों की कार्य आवंटित करता है.

विशेष संवाददाता :: से अभिप्राय उस व्यक्ति से है जो संसदीय, राजनीतिक तथा सामान्य महत्व से सम्बंधित समाचारों के बारे में नियमित रूप से लिखने तथा व्याख्या सम्बन्धी जिम्मेदारी के निर्वाह करता है .

चीफ रिपोर्टर :: से अभिप्राय उस व्यक्ति से है जो समाचारपत्र के प्रकाशन केंद्र पर कार्यरत सभी रिपोर्टरों का प्रभारी होता है . वह इन रिपोर्टरों के काम का निरिक्षण करने के साथ राजनीति या जन महत्व से सम्बंधित खबरों की व्याख्या करता है.

Sunday, August 4, 2013

समाचार पत्र का स्वरुप – 14

सम्पादकीय विभाग 

संपादक :: संपादक का अर्थ उस व्यक्ति से  जो एक समाचारपत्र के सम्पादकीय विभाग में निर्देशन और निरिक्षण की जिम्मेदारी निभाता है .

कार्यकारी संपादक :: कार्यकारी संपादक का अभिप्राय ऐसे व्यक्ति से है जो एक समाचारपत्र में सम्पादकीय कार्य में सहायता करता है .

स्थानीय संपादक :: स्थानीय संपादक की अभिप्राय ऐसे व्यक्ति से है  जो किसी समाचारपत्र के मूल प्रकाशन से अन्यत्र प्रकाशन केंद्र पर संपादक पद की जिम्मेदारी निभाता है.


सह संपादक , संयुक्त संपादक अथवा उपसंपादक :: से अभिप्राय ऐसे व्यक्ति से है जो संपादक को उसके कार्य में सहयोग दे। साधारणतया किसी मुद्दे पर टिपण्णी, दृष्टी कोण, अग्रलेख लिखने में सहायता तथा इसी तरह समीक्षा, टिपण्णी या आलोचनात्मक लेखन में मदद करता है


समाचार संपादक :: से अभिप्राय ऐसे व्यक्ति से है जो समाचारपत्र में समाचार शाखा के कार्यो में समन्वय और निरिक्षण का कार्य करता है।


Saturday, July 20, 2013

समाचार पत्र का स्वरुप – 13



 विविध पत्रकार - 02

आज कल  के समाचारपत्रों में  अर्थ और वाणिज्य समाचारों का प्रचलन तेजी से बड़ा है. व्यापार वाणिज्य उद्योग तथा अर्थ से सम्बंधित समाचारों, शेयर बाज़ार तथा मंडियों के बाज़ार भाव इत्यादि के लिए समाचारपत्रों के एक से तीन पृष्ट सुरक्षित रखे जाते है . इसके लिए भी सम्पादकीय विभाग में आर्थिक डेस्क या आर्थिक संपादक की व्यवस्था की जाती है . इनकी मदद के लिए अलग अलग संवाददाताओ की नियुक्ति की जाती है . कॉर्पोरेट सेक्टरो के जाल ने तो आर्थिक पत्रकारिता को नए आयाम दिए है .
आज के दॊर में फिल्म जगत से जुड़े समाचारों को भी प्रमुखता दी जाने लगी है . प्राय बुधवार या शुक्रवार को समाचारपत्र फ़िल्मी मैगज़ीन के रूप में दो या चार पृष्ठों में अतिरिक्त सामग्री देते है . जिन्हें फ़िल्मी दर्शक अत्यंत चाव से पड़ते है . फ़िल्मी मैगज़ीन के लिए समाचारपत्र फिल्म संपादक की सेवाए लेते है
प्राय हर समाचारपत्र  रविवार को चार,  छः अथवा आठ पृष्ठों में रविवारीय परिशिस्ट  से सम्बंधित सामग्री देते है. इनमे पृष्ठों के अनुसार कहानी, उपन्यास, लघुकथा, फीचर, रिपोतार्ज, गीत, ग़ज़ल, खेल, सांस्कृतिक, साहित्यिक गतिविधियों से सम्बंधित साप्ताहिक समीक्षा, बच्चो तथा महिलाओ से जुडी सामग्री दी जाती है .

Saturday, July 6, 2013

समाचार पत्र का स्वरुप - 12



 विविध पत्रकार
सम्पादकीय विभाग की संरचना में हम अब तक विभिन्न सहयोगी संपादको , संवाददाताओ के दायित्व  के बारे में परिचित हो चुके है. इनके अलावा भी कुछ ऐसे पत्रकार होते है, जिनकी सम्पादकीय विभाग को आवश्यकता रहती है, और उनका कार्य महत्वपूर्ण होता है.
एक समाचारपत्र को तैयार करने और उसे सजाने सवारने में कई लोगो का आपसी तालमेल से काम करना पड़ता है. हम रोजाना समाचार पढते है लेकिन खास फोटो या कार्टून हमारा ध्यान सहसा आकर्षित कर लेते है. एक कार्टून या फोटो का प्रभाव इतना प्रबल होता है, की जो बात कई हज़ार शब्दों के माध्यम से भी व्यक्त नहीं हो पतों, वो कार्टून या फोटो के माध्यम से हो जाती है. इसीलिए अधिकांश समाचारपत्रों में स्थान विशेष पर पाकेट कार्टून प्रकाशन की परम्परा लोकप्रिय हो गयी है. इसलिए कार्टूनिस्ट  सम्पादकीय विभाग का आवश्यक अंग मन जाता है.
इसी तरह प्रेस फोटोग्राफर, समारोह, विभिन्न तरह के घटनाकर्म तथा सम सामयिक विषयों के छाया चित्रों से अखबार की सजीवता और सुन्दरता को बढ़ा देते है. कई बार दुर्लभ फोटोग्राफ अविस्मरणीय बन जाते है. अब तो समाचारपत्रों में एक से अधिक प्रेस फोटोग्राफर रखने की होड़ लग गयी है. जरुरत पड़ने पर स्वतंत्र प्रेस फोटोग्राफर तथा न्यूज़ एजेन्सी भी समाचारपत्रों को छाया चित्र उपलब्द्ध करवाती है