Saturday, July 6, 2013

समाचार पत्र का स्वरुप - 12



 विविध पत्रकार
सम्पादकीय विभाग की संरचना में हम अब तक विभिन्न सहयोगी संपादको , संवाददाताओ के दायित्व  के बारे में परिचित हो चुके है. इनके अलावा भी कुछ ऐसे पत्रकार होते है, जिनकी सम्पादकीय विभाग को आवश्यकता रहती है, और उनका कार्य महत्वपूर्ण होता है.
एक समाचारपत्र को तैयार करने और उसे सजाने सवारने में कई लोगो का आपसी तालमेल से काम करना पड़ता है. हम रोजाना समाचार पढते है लेकिन खास फोटो या कार्टून हमारा ध्यान सहसा आकर्षित कर लेते है. एक कार्टून या फोटो का प्रभाव इतना प्रबल होता है, की जो बात कई हज़ार शब्दों के माध्यम से भी व्यक्त नहीं हो पतों, वो कार्टून या फोटो के माध्यम से हो जाती है. इसीलिए अधिकांश समाचारपत्रों में स्थान विशेष पर पाकेट कार्टून प्रकाशन की परम्परा लोकप्रिय हो गयी है. इसलिए कार्टूनिस्ट  सम्पादकीय विभाग का आवश्यक अंग मन जाता है.
इसी तरह प्रेस फोटोग्राफर, समारोह, विभिन्न तरह के घटनाकर्म तथा सम सामयिक विषयों के छाया चित्रों से अखबार की सजीवता और सुन्दरता को बढ़ा देते है. कई बार दुर्लभ फोटोग्राफ अविस्मरणीय बन जाते है. अब तो समाचारपत्रों में एक से अधिक प्रेस फोटोग्राफर रखने की होड़ लग गयी है. जरुरत पड़ने पर स्वतंत्र प्रेस फोटोग्राफर तथा न्यूज़ एजेन्सी भी समाचारपत्रों को छाया चित्र उपलब्द्ध करवाती है


Thursday, May 23, 2013

Jagdish Ki Pathshala in 94th Battalion of CRPF.

Khunti, 22 May 2013 :: Jagdish Ki Pathshala, a photographic Workshop was organised in 94th Battalion of Central Reserve Police Force [ CRPF ]. Approx 50 to 55 Jawans of the Battalion participated in the workshop & took the basic tips for Clicking Photographs. Mentor of the workshop was Jagdish Singh [ Chief Photographer to Lens Eye ( News Portal )]. Tips were given through his Power Point presentation & a slide show of Jagdish’s Photographic  collection was also Shown.
Ravinder Bhagat [ Commanding Officer of the Battalion ], Ved Prakash, [ Second Commander ], Kanu Ram Nag [ BDO ], Suresh Prasad [ Raniya OC ] and other Officers were present during the workshop.

Link :: [ http://www.lenseye.co/2013/05/22/jagdish-ki-pathshala-in-94th-battalion-of-crpf/ ]

Sunday, May 12, 2013

समाचार पत्र का स्वरुप - 11



प्रूफ रीडर
 

किसी भी समाचारपत्र में प्रूफ रीडर का अहम् स्थान होतो है, जो समाचारों की गलतियों को ठीक करने का सावधानी भरा कार्य करते है. प्रूफ रीडर को भाषा तथा व्याकरण की अच्छी जानकारी होना जरुरी है, प्रूफ रीडर की जरा सी गलती समाचारपत्र की छवि धूमिल कर सकती है. मुद्रण की तकनीक बदलने से अब  प्रूफ रीडर की परम्परागत भूमिका गौण होने लगी है. अब कम्पोजिंग कंप्यूटर से होने लगा है और इसकी स्क्रीन पर समाचार को संशोधित कर लिया जाता है. इसलिए प्रूफ रीडर के कार्य का तरीका बदल गया  है. 

Wednesday, March 27, 2013

Sunday, March 17, 2013

जगदीश की रिपोर्ट :: जनसंचार और राजनीति

जनसंचार और राजनीति
जनसंचार और राजनीति के बीच वैसा ही घनिष्ट सम्बन्ध है, जैसा की व्यक्ति और समाज के बीच होता है. राजनेताओ और राजनितिक निर्णयों, शासकीय क्रिया कलापों, न्यायिक प्रक्रिया
 , सरकारी नीतियों, विकास कार्यो आदि के बारे में जानकारी जनसंचार मध्यमो को आम आदमी तक पहुचाते है. सरकार के सही निर्णयों और नीतियों को उचित परिपेक्ष  में रखना और उसके जनविरोधी निर्णयों का पर्दाफाश करना जनसंचार माध्यमो का उतरदायित्व है. इससे सरकार को अपनी खूबियों और खामियों को समझने और आवश्यकतानुसार उनमे फेरबदल करने का अवसर मिलता है.

जनसंचार माध्यम न हो तो राजनीति प्रभा-विहीन हो जाएगी और अगर राजनीति न हो, तो जनसंचार माध्यम निष्प्राण से हो जायेगे. राजनेता चाहते है की उनका बयान और उनके निर्णय बिना विलंब जन जन तक पहुचे, क्योकि उसके लिए हर व्यक्ति के पास जाकर अपनी बात कहना सम्भव नहीं हो पाता है. जनसंचार माध्यम उसकी आवाज़ को बिना विलम्ब जन जन पंहुचा देते है। राजनेता और राजनीतिक दल प्रचार चाहते है, जनसंचार माध्यम उनकी इस इच्छा की पूर्ति करते है।
राजनीति में समाचार पत्रों का बड़ा महत्व है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरु को समाचारपत्रों की आज़ादी का बहुत बड़ा हिमायती माना जाता था। उन्होंने कांग्रेस के मुख पत्र नेशनल हेराल्ड के तत्कालीन संपादक स्वर्गीय चलपति राव की प्रतिष्ठा बनाये रखने की खातिर कई बार उनकी बात मानी। श्री नेहरु का मानना था की समाचारपत्रों के ना  होने से बेहतर है, ख़राब समाचारपत्रों का होना. नेहरु काल में समाचारपत्रों पर सेंसरशिप लगाए जाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी .


राजनीति में जनसंचार का वही महत्व है, जो देह में जीव का है। जिस तरह जीव विहीन देह की कल्पना नहीं की जा सकती है, उसी तरह जनसंचार विहीन राजनीति  निर्जीव लगती है। राजनीति की सारी चमक दमक का दारोमदार जनसंचार माध्यमो पर होता है। जनसंचार माध्यम ही लोगो को सरकार  के अच्छे बुरे दोनों ही तरह के कार्यो से अवगत कराते है। स्वाधीनता के बाद से लेकर आज तक राजनेताओ ने जो छोटे बड़े घोटाले किये उनकी जानकारी जनसंचार माध्यमो ने ही लोगो तक पहुचाई। अगर जनसंचार माध्यम न होते तो यह सारे  घोटाले सरकारी फाईलों में ही दफ़न हो कर रह जाते.
 

Thursday, February 14, 2013

Sunday, January 20, 2013

Jagdish Ki Report :: India won 3rd ODI Cricket match Vs England, Celebration in Ranchi.


Ranchi,20 January 2013 ::India won 3rd ODI Cricket match Vs England, in JSCA International Cricket stadium, Ranchi. People celebrated the win with joy & excitement. A large crowd gathered with Indian Flags & Drums in the Albert Ekka Chowk,Ranchi.This was the first Interational match for Ranchi.