Sunday, August 19, 2012

World Photography Day :: 19th August.

19 August 2012 :: World Photography Day originates from the invention of the Daguerreotype, a photographic processes developed by Joseph Nicèphore Nièpce and Louis Daguerre. On January 9, 1839, The French Academy of Sciences announced the daguerreotype process. A few months later, on August 19, 1839, the French government announced the invention as a gift "Free to the World". With the help of Photography our knowledge about any thing & every thing of the Universe has increased leaps and bound. This is the day to pay tributes and remember the inventore and pioneers of photography and highlight their contributions.

Saturday, August 18, 2012

समाचार पत्र का स्वरुप - 09


विशेष संवाददाता 

जैसा की नाम से विदित है विशेष संवाददाता की अपने समाचारपत्र में अहम् भूमिका है. वह एक तरह से अपने पत्र का प्रतिनिधि होता है. वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर विशेष संवाददाता की नियुक्ति की जाती है. अपने नाम के अनुरूप विशेष संवाददाता  अख़बार के लिए विशिष्ट [ Exclusive ] समाचार देने का प्रयास करते है. केंद्र स्तर पर तथा राज्यों की राजधानियों में विशेष संवाददाता को संसद तथा विधान सभा के कवरेज और किसी मंत्रालय या विभाग विशेष की जिम्मेदारी दी जाती है. वह विशिष्ट व्यक्तियो से अपने समाचारपत्र के लिए इन्टरव्यू लेता है तथा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, या मंत्रियो के साथ आवश्यकतानुसार विदेशी दौरों में साथ जाता है.
विशेष संवाददाता एक स्वतंत्र पंछी के सामान है जो अख़बार के रोज़मरा कार्यो से बंधा नहीं होता है लेकिन समाचारों तथा घटनाक्रम के बारे में उसकी गिद्ध दृष्टि होती है. इसी आधार पर वे राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय घटनाक्रम को बेहतर समीक्षा करने में समीक्षा होते  है.

Saturday, August 11, 2012

Jagdish Ki Report :: Seasons of Sequels in Bollywood.


 Bollywood industry is now a days busy in making part 2’s & part 3’s. The entire industry seems to be seized with the sequels. Bollywood has finally joined with hollywood in the business of making sequels. Industry is adopting it as a tradition of making a continuation or an extension to the former ones.
Sequels have become hot subjects these days, as they are spelling out big business to the movie makers. The trend is continuing that, if the first part (Original) movie is doing really well at the box office, immediately the film-makers are planning for its sequel. Movies are coming up at faster rate.
It is no more a surprise these days that the sequel to the movies is planned even before the prequels are hitting the big screens. It’s worth mentioning that the conclusions to the stories are being kept open ended in the scripts, hence ensuring that there is enough scope to make a sequel.
By utilizing the brand value of the prequels, film makers are coming up with the extended scripts to the parent movies while, the characters and the cast remains same as in the prequels.

Monday, August 6, 2012

Sunday, August 5, 2012

Jagdish ki Report :: Friendship Day In Future

  Friendship Day is celebrated every year, on the first Sunday of August. In 2012, it is celebrated on 5th August. The day for the occasion was declared by the US congress in 1935. The occasion began as a small event, to commemorate the relation shared by friends.


Friendship Day celebrations occur on different dates in different countries. The first World Friendship Day was proposed for 30 July 1958. On 27 April 2011 the General Assembly of the United Nations declared  30 July as official International Friendship Day. However, some countries, including India, celebrate Friendship Day on the first Sunday of August &  July 20 in Argentina, Brasil and Uruguay, &  July 30 in Paraguay.

The exchange of Friendship Day gifts like flowers, cards and wrist bands is a popular tradition of this occasion.




 Friendship Day In Future

Year      Date
2012     August 5
2013     August 4
2014     August 3
2015     August 2
2016    August  7
2017    August  6
2018    August  5
2019    August 4
2020    August 2

Saturday, August 4, 2012

समाचार पत्र का स्वरुप - 08

उपसंपादक
सम्पादकीय विभाग की संरचना में उपसंपादक वह महत्वपूर्ण कड़ी है जिसके बिना अच्छे समाचारपत्र का प्रस्तुतीकरण नहीं हो पाता . मुख्य उपसंपादक के साथ कंधे से कन्धा मिलकर उपसंपादको की टोली अख़बार के ताज़ा संस्करण को बेहतर और पठनीय बनाने में जुटी रहती है. समाचारपत्र के स्वरुप के अनुसार उसमे उपसंपादको की संख्या निर्धारित की जाती है.सहज बुद्धि से समाचार के प्रवाह को पहचानने की क्षमता उपसंपादक का विशेष गुण है.     
समाचारपत्र में विज्ञापन के अलावा समाचारों के लिए जो स्थान होता है, उसे भरने का काम उपसंपादक को निभाना पड़ता है. विभिन्न शहरों में कार्यरत समाचार पत्रों के संवाददाता  और सिटी रिपोर्टर तथा विशेष संवाददाता सहित समाचार समितियों से प्राप्त समाचारों के संपादन और शीर्षक लगाकर उन्हें मुख्य उपसंपादक के माध्यम से कम्पोजिंग और प्रेस में छपाई के लिए भेजने का दायित्व उपसंपादक के जिम्मे होता है. उपसंपादक को मशीन की नाड़ी, संस्कारी सेंसर, समाचार सर्जन तथा आज्ञात सैनिक तक की संज्ञा दी गयी है.  सुयोग्य उपसंपादक किसी भी समाचारपत्र की नीव के पत्थर होते है और उनकी संपादन कला से अख़बार कसौटी पर कसा जाता है.