Wednesday, June 20, 2012

समाचार पत्र का स्वरुप - 01

भारत में मोटे तौर पर समाचार पत्रों के स्वरुप को तीन भागो में विभक्त किया जा सकता है. इन्हें राष्ट्रीय , प्रादेशिक, और स्थानीय श्रेणी में शामिल किया जा सकता है. चूँकि नई दिल्ली हमारी राजधानी है , इसलिए वहाँ से प्रकाशित होने वाले समाचारपत्रों को राष्ट्रीय समाचारपत्र की संज्ञा दी जाती है. इनमे हिन्दी के दैनिक  हिंदुस्तान , नवभारत टाइम्स , जनसता , पंजाब केशरी, जागरण , राष्ट्रीय सहारा, आदि तथा अंग्रेजी में हिंदुस्तान टाइम्स , स्टेटमेन   , इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ़ इंडिया , द हिन्दू, इत्यादि समाचारपत्र प्रमुख रूप से शामिल है. इनमे से कुछ समाचारपत्रों ने पिछले , कई वर्षो से प्रादेशिक राजधानियों तथा अन्य केन्द्रों से अपने विभिन्न संस्करण आरम्भ किया है. इनके अलावा कुछ समाचारपत्रों यथा पंजाब केशरी, जागरण आदि ने अन्य प्रदेशो से आगे बढकर राजधानी दिल्ली से अपने संस्करण प्रकाशित कर अपने समाचारपत्रों को राष्ट्रीय समाचारपत्रों की श्रेणी में शामिल कर लिया है.
इसी तरह प्रादेशिक राजधानियों से प्रकाशित किये जाने वाले समाचारपत्र प्रादेशिक स्तर के समाचारपत्रों की श्रेणी में सम्मिलित किये जाते है. लेकिन पिछले कुछ दशको से इन समाचारपत्रों का प्रकाशन भी संभाग मुख्यालय अथवा अन्य प्रकाशन केंद्र से नए संस्करणों का प्रकाशन आरम्भ किया.
इस परिदृश्य से पहले संभाग स्तर पर या जिला स्तर पर अथवा किसी प्रमुख शहर से प्रकाशित किये जाने वाले समाचारपत्रों को स्थानीय समाचारपत्रों की संज्ञा दी जाती थी. लेकिन राष्ट्रीय या फिर प्रादेशिक स्तर के समाचारपत्रों के संस्करण जगह जगह से प्रकाशित किये जाने की प्रतिस्पर्धा में स्थानीय समाचारपत्रों का अस्तित्व भी संकट में पड़ गया है. क्षेत्रीय संस्करणों के प्रकाशन से समाचारों का दायरा भी सिमटता जा रहा है. तथा समाचारपत्र अपने अंचल तक के समाचारों तक सीमित हो गए है. स्थिति यह है हो गई है की एक संभाग या प्रमुख प्रकाशन केंद्र से प्रकाशित होने वाले संस्करण में उसी क्षेत्र के समाचारों का समावेश होता है और प्रमुख समाचारों को छोड़कर पाठक को यह पता नहीं चल पाता की राज्य के दुसरे संभाग में क्या कुछ घट रहा है अथवा वहा  के समाचार क्या है. इस स्थिति का एक लाभ यह हुआ की अब समाचारपत्रों के अलग अलग संस्करणों में उस क्षेत्र के गावों, कस्बो तक के समाचारों को स्थान मिलने लगा है. लेकिन एक अंचल से दुसरे अंचल में घटित होने वाले घटनाक्रम के बारे में लोग अनजान से रह जाते है. अलबता कोई बड़ा हादसा या दुर्घटना घटने पर सम्बंधित समाचार सभी संस्करणों में प्रकाशित किया जाता है.स्वाभाविक रूप से ऐसे समाचार राष्ट्रीय स्तर के  समाचारपत्रों में भी स्थान पाते है.